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केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु प्रावधान

हिमाचल प्रदेश राज्य में कार्यरत मॉडल के आधार पर केंद्र सरकार, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अधिवासियों को भूमि के अधिकार, सरकारी नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा प्रदान करने के लिए विचार कर रही है।

द हिंदू की खबर के अनुसार मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर के शिक्षा संस्थानों में दाखिले और सरकारी नौकरियों के लिए वैध आवेदक बनने के लिए न्यूनतम 15 साल तक इस क्षेत्र में निरंतर रहने की अनिवार्य आवश्यकता को कम करने पर विचार कर रही है।

अगस्त, 2019 में भारतीय संसद द्वारा अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने के बाद से देश के बाकी हिस्सों के निवासियों को अपनी भूमि और रोजगार खोने की संभावना पर केंद्र शासित प्रदेश के स्थानीय लोगों के बीच जागी आशंकाओं को देखते हुए सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है।

वर्तमान में सरकार को इस बात की भी जाँच करने की सूचना दी गई है कि क्या इस संबंध में कोई अधिसूचना भारत सरकार के द्वारा जारी की जाएगी, या फिर जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा।