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एक जनपद के एक उत्पाद की सूची लगभग तय, किसानों की आय बढ़ाने में होगी सहायता

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के परामर्श से कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने एक जनपद, एक उत्पाद पर ध्यान केंद्रित (ओडीओएफपी) करने के लिए उत्पादों को अंतिम रूप दिया है।

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि देशभर के 728 जिलों के लिए उत्पाद की पहचान कृषि, बागवानी, पशु, मुर्गी पालन, दूध, मत्स्य पालन और जलीय कृषि, समुद्री क्षेत्रों से की गई है।

राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से जानकारियाँ एकत्रित करने के बाद उत्पादों की सूची को अंतिम रूप दिया गया है।

इनको भारत सरकार की योजनाओं के समन्वय के माध्यम से उत्पादों के मूल्य में वृद्धि करना और किसानों की आय बढ़ाने के अंतिम उद्देश्य के साथ क्लस्टर दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया जाएगा।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (पीएम-एफएमई) योजना के तहत औपचारिक उत्पादों का समर्थन किया जाएगा, जो प्रमोटरों और सूक्ष्म उद्यमों को प्रोत्साहन प्रदान करता है।

राज्य सरकारों द्वारा ओडीओएफपी के कार्यान्वयन से किसानों को लाभ होगा और मूल्यवर्धन की उम्मीदों को साकार करने में मदद मिलेगी। इससे बाद में कृषि निर्यात में वृद्धि होगी।