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निर्भया कोष के तहत महिला सुरक्षा के लिए केंद्र ने 4000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए

भारतीय शहरों में महिलाओं को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने निर्भया कोष के तहत महिला सुरक्षा परियोजनाओं के लिए लगभग 4000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसमें दुष्कर्म व तेजाब पीड़ितों को वित्तीय सहायता और महिलाओं व बच्चों के लिए विशेष पुलिस इकाइयों की स्थापना शामिल है।

द इकनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद और लखनऊ जैसे देश के आठ प्रमुख शहरों में लागू किए जा रहे ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ के तहत 2,919.55 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

आकस्मिक प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) के तहत 321.69 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत देशभर में एक आपातकालीन नंबर-112 उपलब्ध करवाया जाएगा। यह परियोजना 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले ही चालू हो चुकी है। इसके अलावा, केंद्रीय पीड़ित मुआवजा कोष के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि दुष्कर्म, तेजाब हमलों, बच्चों के खिलाफ अपराध, मानव तस्करी आदि के पीड़ितों के लिए जारी की गई है।

दिल्ली के नानकपुरा में महिलाओं और बच्चों के लिये विशेष इकाई (एसपीयूडब्ल्यूएसी) और पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिये विशेष इकाई (एसपीयूएनईआर) के गठन के लिए कुल 23.53 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं।

जांच, अभियोजन और चिकित्सा अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए 7.09 करोड़ स्वीकृत किए गए। दिल्ली में जिला और उप-मंडल पुलिस स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और परामर्शदाताओं को सुविधा देने के लिए 5.07 करोड़ रुपये जारी किए हैं। केंद्र सरकार ने 2012 में दिल्ली में निर्भया से बर्बर तरीके से हुए दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद निर्भया कोष बनाया था।