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कॉर्पोरेट के सभी वादों को पूरा किया सरकार ने, फिक्की के अध्यक्ष से मिले वित्त मंत्री

केंद्र सरकार ने जीएसटी संग्रह में सुधार आने के बाद छोटी और बड़ी सभी प्रकार की कॉर्पोरेट कंपनियों के कॉर्पोरेट कर की दर को घटाकर 25 प्रतिशत करने का वादा किया है। फिक्की (भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ) के अध्यक्ष संदीप सोमानी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मंगलवार (5 मार्च) को मुलकर के बाद यह जानकारी दी।  सोमानी और वित्तमंत्री की इस मुलाकात में कराधन, रोज़गार सृजन और औद्योगिक उत्पादन आदि सहित विभिन्न मुद्दों पर बात हुई, अमर उजाला  ने रिपोर्ट किया।

कौन से वादे कब हुए पूरे 

केंद्र सरकार ने 2015-16 के बजट में घोषणा की थी कि आने वाले चार सालों में कॉर्पोरेट कर की दर को कंपनियों के लिए धीरे-धीरे घटा कर 30 से 25 प्रतिशत तक कर दिया जाएगा। फिर केंद्र सरकार ने 2017 में जिन कॉर्पोरेट कंपनियों का कारोबार 2015-16 में करीब 50 करोड़ रूपये तक का रहा था उन सभी कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट कर की दर को घटा क्र 25 प्रतिशत कर दिया था।

इन फैसलों से सभी छोटी और मझौली कंपनियों को फायदा मिला है।  सरकार ने इस साल 2018-19 के बजट में 250 करोड़ रूपये तक का व्यापार करने वाली कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट कर की दर को 25 प्रतिशत कर दिया है। आयकर रिटर्न भरने वाली साथ लाख कंपनियों में केवल 7000 कंपनियां ऐसी हैं जिनकी कॉर्पोरेट कर की दर 30 प्रतिशत है, अमर उजाला  ने रिपोर्ट किया।

फिक्की के अध्यक्ष संदीप सोमानी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से हुई मुलाकात के संदर्भ में कहा कि “सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जिस तरह आने वाले वर्षों में जीएसटी का संग्रह बढ़ेगा उसी प्रकार से केंद्र सरकार कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट कर की दर को वाजिब बनाएगी”।