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लौटे प्रवासी श्रमिकों के लिए गरीब कल्याण रोजगार अभियान का 20 जून को शुभारंभ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार (18 जून) को गरीब कल्याण रोजगार अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को बिहार के खगरिया में इस अभियान का शुभारंभ करेंगे।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्री ने कहा, “इसकी प्राथमिकता लॉकडाउन के दौरान अपने जिलों में लौटे श्रमिकों की तत्काल आवश्यकता को पूरा करते हुए उन्हें जल्द आजीविका का साधन मुहैया कराना है। हमने पाया कि प्रवासी श्रमिक 116 जिलों में सबसे ज्यादा वापस आए हैं। ये छह राज्यों में हैं। इनमें बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और राजस्थान शामिल हैं।”

वित्त मंत्री ने कहीं ये प्रमुख बातें

  • 25 कार्यों में आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण सड़कें, ग्रामीण आवास, रेलवे, ग्रामीण क्षेत्रों में आरयूआरबीएएन मिशन, सोलर पम्पसेट, फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाने आदि काम शामिल हैं।
  • यह योजना छह राज्यों के 116 जिलों में चलेगी। यह 67 लाख प्रवासी श्रमिकों के लिए है। 116 जिलों में 27 जिलों में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक आए हैं।
  • 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार, गाँवों में ग्रामीण स्थानीय निकायों को धन जारी होगा। योजना के तहत काम उपलब्ध करवाया जाएगा और गाँवों में संपत्ति निर्माण का काम होगा, जिससे वहाँ का विकास होगा।
  • जो भी इन 116 जिलों में काम चाहता है, उसे गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत काम दिया जाएगा। इस योजना में कुल 50,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • इसके तहत केंद्र सरकार की 25 योजनाओं के उद्देश्यों को 116 जिलो में 125 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा। इसमें प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीणों को प्राथमिकता दी जाएगी।