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केंद्र पाँचवीं पीढ़ी के उन्नत मध्यम लड़ाकू विमानों के निर्माण को दे सकती है स्वीकृति

केंद्र सरकार भारत के पाँचवीं पीढ़ी के देशी लड़ाकू कार्यक्रम- उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) को स्वीकृति दे सकती है। इस विकास से परिचित अधिकारियों ने मंगलवार (16 मार्च) को बताया कि मध्य वर्ष तक डिज़ाइन के साथ विकास और पहले नमूनों के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण मानचित्र में भविष्य के हवाई युद्ध के एक महत्वपूर्ण तत्व का निर्माण करने वाले स्टील्थ (राडार से बच निकलने वाले) विमानों के साथ लगभग 120 स्टील्थ फाइटर्स (छह स्क्वॉड्रन) की 2032 तक तैनाती की परिकल्पना की गई है।”

एएमसीए को दो चरणों में विकसित किया जाएगा। एक दूसरे अधिकारी ने कहा, “पहले दो स्क्वॉड्रन एएमसीए के मार्क-1 संस्करण से मिलकर बने होंगे। शेष चार स्क्वॉड्रनों को छठी पीढ़ी की तकनीकों के साथ अधिक उन्नत मार्क-2 संस्करण के साथ बनाया जाएगा।” छठी पीढ़ी की तकनीकें विश्वस्तर पर वर्तमान में किसी भी लड़ाकू विमान की तुलना में अधिक उन्नत हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स को जानकारी मिली है कि आगामी 7 से 8 वर्षों में स्टील्थ फाइटर्स का उत्पादन किया जा सकता है।

तीसरे अधिकारी ने कहा, “मार्क-1 स्टील्थ फाइटर्स को अमेरिकी जीई 414 इंजन द्वारा संचालित किया जाएगा। इसमें मार्क-2 संस्करण में आयातित पावर प्लांट को बदलने की संभावना स्वदेशी इंजनों के साथ होगी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के लिए एएमसीए ध्यान केंद्रित करने का एक खास क्षेत्र है। आईएमएफ भी अब मजबूती से इस परियोजना का समर्थन कर रहा है।”