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बंगाल के मुख्य सचिव पर केंद्र करेगा अनुशासनात्मक कार्रवाई, ममता ने जताया विरोध

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव पद से अलपन बंदोपाध्याय को शुक्रवार (28 मई) को स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया गया था। सोमवार (31 मई) सुबह 10 बजे तक दिल्ली के केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के कार्यालय में उनको उपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया था पर वह तय समय पर नहीं पहुँचे। अब केंद्र सरकार उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को हटाए जाने पर विरोध व्यक्त किया है। इसमें उनको दिल्ली बुलाए जाने के आदेश को असंवैधानिक बताया गया।

ममता बनर्जी ने पत्र में लिखा, “28 मई को केंद्र सरकार की ओर से मुख्य सचिव के स्थानांतरण का एकतरफा आदेश जारी किया गया। इससे मैं हैरान हूँ और मुझे झटका लगा है। केंद्र ने इस निर्णय को लेकर राज्य से कोई बात नहीं की। मुझे समझ नहीं आ रहा कि आपने 24 मई के अपने ही निर्णय को क्यों पलट दिया।”

ममता बनर्जी ने पत्र में पूछा, “क्या 28 मई को कलाईकुंडा में हुई बैठक से इस निर्णय का कुछ संबंध है? मुझे उम्मीद है कि उसका इससे कोई संबंध नहीं होगा। यदि ऐसा कुछ है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा।”

बता दें कि गत सप्ताह यास चक्रवात से हुए नुकसान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समीक्षा बैठक की थी। इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय आधे घंटे की देरी से पहुँचे थे, जिसके बाद से वह चर्चा में आ गए थे।