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अलगावादी संगठनों पर मोदी सरकार का रवैया हुआ सख्त, जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध

गुरुवार (28 फरवरी) शाम को गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी करते हुए, कश्मीर घाटी के अलगावादी संगठन जमात-ए-इस्लामी पर पाXच साल का प्रतिबंध लगा दिया है। अधिसूचना में मंत्रालय ने कहा है कि जमात-ए-इस्लामी आंतरिक सुरक्षा और लोक व्यवस्था के लिए खतरा है। साथ ही केंद्र सरकार ने जमात-ए-इस्लामी को विधि विरुद्ध बताया है,नवभारत टाइम्स  ने रिपोर्ट किया।

गृह मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना में जमात-ए-इस्लामी को देश के विरुद्ध गतिविधियों में शामिल होने की बात भी कही है। और साथ ही साथ इस संगठन को नफरत फ़ैलाने वाला संगठन भी बताया गया है, जिसके बाद  मंत्रालय ने इस पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।

22 फरवरी की रात दक्षिण, मध्य और उत्तरी कश्मीर घाटी में एक बड़ी छापेमारी की गई थी, जिसमें जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख अब्दुल हामिद फयाज समेत संगठन के दर्जनों नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

महबूबा मुफ़्ती ने की कार्यवाही की निंदा 

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने इस कार्यवाही और गिरफ्तारी की निंदा करते हुए अपने ट्विटर पर लिखा, “यह किस तरह की कार्यवाही मुझे समझ नहीं आ रही, इस तरह के मनमाने कदम से मामला सिर्फ उलझेगा ही। आप एक व्यक्ति को जेल में डाल सकते हो लेकिन उसके विचरों को नहीं।”