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सीबीआई बनाम ममता- ‘सख्त कार्यवाही’ की चेतावनी देने वाले न्यायालय में सुनवाई

शारदा चिट फंड मामले की जाँच में पश्चिम बंगाल सरकार के असहयोग पर सीबीआई द्वारा दायर की गई याचिका पर मंगलवार (5 फरवरी) को सर्वोच्च न्यायालय सुनवाई करेगा। इससे पहले 3 फरवरी को कमिशनर राजीव कुमार के निवास पर पहुँचे सीबीआई अधिकारियों को गृहिरासत में लिया गया था।

सोमवार (4 फरवरी) को सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय का द्वार खटखटाया और दावा किया कि कोलकाता कमिशनर इलेक्ट्रोनिक साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें तुरंत समर्पण या प्रस्तुत होने का निर्देश दिया जाना चाहिए, इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया।

“राज्य में संवैधानिक तंत्र के विध्वंस का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए माननीय न्यायालय के आदेश का पालन कर रहे सीबीआई अधिकारियों को न सिर्फ पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा रोका गया बल्कि उन्हें घेरकर अवैध तरीके से नज़रबंद भी किया गया।”, सीबीआई की याचिका में उल्लेखित था।

याचिका को सुनकर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायाधीश संजीव खन्ना ने मामले की सुनवाई को 5 फरवरी प्रातः 10.30 के लिए सूतीबद्ध किया। मुख्यन्यायाधीश ने कहा कि कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर ध्यान दि.ा है लेकिन साक्ष्य नष्ट करने की कोई बात नहीं पाई।

हालाँकि, कथित तौर पर उन्होंने यह भी कहा, “यदि आप कोई सामग्री प्रस्तुत कर सकते हैं तो कमिशनर ने ऐसा किया हो यह तो दूर की बात लेकिन यदि उन्होंने ऐसा सोचा भी है तो हम उनपर इतनी सख्त कार्यवाही करेंगे कि उन्हें अपने कृत्य पर पठतावा होगा।”