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“सिख दंगों के दोषी सज्जन कुमार को जमानत देना होगा न्याय का उपहास”- सीबीआई

1984 के सिख-विरोधी दंगों में दोषी करार पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की जमानत याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार (8 अप्रैल) को कहा है कि उन्हें जमानत दिया जाना “न्याय का उपहास उड़ाना” होगा क्योंकि इस नरसंहार के “प्रणेता” वे ही थे, डीएनए  ने रिपोर्ट किया।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सिख-विरोधी दंगों के लिए कुमार को उम्रकैद का दंड दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में सीबीआई से जानकारी मांगी थी। इसकी प्रतिक्रिया में सीबीआई का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रधान पब्लिक प्रॉसिक्युटर तुषार मेहता ने कहा, “सिखों का नरसंहार एक भीषण अपराध है। वे नेता और इस लवारदात के सरगना था।”

मेहता ने यह भी कहा कि उन्हें जमानत देना न्याय का उपहास होगा क्योंकि 1984 दंगों के संबंध में उनपर पटियाला हाउस कोर्ट में एक और मुकदमा भी चल रहा है। सर्वोच्च न्यायालय की बेंच ने मामले की सुनवाई 15 अप्रैल तक टाल दी है।