समाचार
पोप के देश अर्जेंटिना में बच्चों के यौन उत्पीड़न मामले में कैथोलिक पादरियों को भेजा जेल

अर्जेंटीना के एक न्यायालय ने 40 वर्ष से अधिक उम्र वाले दो कैथोलिक पादरियों को बधिर बच्चों के यौन उत्पीड़न का दोषी पाए जाने के बाद जेल भेज दिया है।

बीबीसी की खबर के अनुसार इस मामले ने पूरे अर्जेंटीना की जनता में आघात और आक्रोश पैदा कर दिया है और कुछ लोगोंं ने कैथोलिक चर्च पर यौन उत्पीड़न मामले में धीमे काम करने का आरोप लगाया है।

कैथोलक चर्च द्वारा स्कूल ना बंद करने और दुराचारियों को पीड़ितों तक पहुँचने से ना रोक पाने के कारण अर्जेंटीना के कई लोगों ने जमकर विरोध किया।

एंटोनियो प्रोवो इंस्टीट्यूट फॉर डेफ एंड हियरिंग इम्पीडेड चिल्ड्रन में 2005 से 2016 तक 20 बार दुुष्कर्म के लिए मेंडोजा शहर में तीन जजों की बेंच ने फादर निकोला कोराडी को 42 वर्ष, फादर होरासियो कोरबाको को 45 वर्ष और माली अरमांडो गोमेज़ को 20 वर्ष के लिए जेल भेज दिया है।

इससे पहले 1970 में इटली के वेरोना शहर में स्थित स्कूल में दुष्कर्म मामले में 83 वर्षीय कोराडी की यौन उत्पीड़न मामले में जाँच हुई थी पर उस समय कोराडी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

वेटिकन द्वारा जाँच के लिए दो पादरियों में से एक फादर दांते साइमन ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा, “भगवान का शुक्र है कि निर्णय के बाद पीड़ितों को न्याय और शांति मिली।”

“आपको नहीं पता यह निर्णय हमरे और पूरे विश्व के लिए कितना महत्वपूर्ण है।”, उत्पीड़ित बच्चों में से एक के पिता और कारखाने के कर्मचारी एरियल लिज़ग्रागा ने वॉशिंगटन पोस्ट से कहा।

पोप फ्रांसिस ने अब तक इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। आपको बता दें कि स्वयं पोप