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इलाहाबाद में अफवाह फैलाने पर चार सपा नेताओं पर मामला दर्ज, देशभर में भी हुई कार्रवाई
सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान

कोरोनावायरस में हुई बंदी को लेकर भ्रामक अफवाह फैलाने के आरोप में सरकार और प्रशासन ने प्रयागराज में समाजवादी पार्टी (सपा) के चार नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसी तरह देश के अलग-अलग क्षेत्रों में भी अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की गई।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व सपा नेता ऋचा सिंह समेत नेहा, अखिलेश और अदनान के खिलाफ सोशल मीडिया पर लॉकडाउन को लेकर भ्रामक जानकारी देने के खिलाफ कर्नलगंज पुलिस ने कार्रवाई की है।

आरोप है कि शनिवार को इन लोगों ने फेसबुक और दूसरी सोशल साइटों पर सूचना दी कि रविवार सुबह 6 बजे आजमगढ़ और अन्य जिलों में जाने के लिए बस मिलेगी। इसके बाद ढेरों लोग सिविल लाइंस बस अड्डे पहुँच गए, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।

इसी तरह शनिवार को महाराष्ट्र के नागपुर में वायरस को लेकर अफवाह फैलाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। ये कथित तौर पर एक ऑडियो क्लिप भेज रहे थे। इसमें गलत दावा किया गया था कि शहर में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यह क्लिप 24 मार्च को वायरल हुई और लोगों में दहशत फैल गई।

पुलिस ने बताया, “आरोपियों की पहचान अमित पारधि, जय गुप्ता और दिव्यांशु मिश्रा के रूप में हुई। तीनों पढ़े-लिखे हैं। उन पर आईपीसी की धारा 188 और 505 के तहत मामला दर्ज किया गया।

मिजोरम में सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वाले दो लोग रविवार को धरे गए। राजस्थान के खानपुर में एक व्यक्ति ने कोटा में कोरोना की वजह से दो लोगों की मौत की अफवाह फैलाई थी। पुलिस ने अफवाह फैलाने वाले का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।