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केनरा बैंक ‘बैड बैंक’ का प्रमुख प्रायोजक व शेयरधारक होगा, पीएनबी सहित कई साझी भी

सरकार के स्वामित्व वाला केनरा बैंक सरकार के आगामी ‘बैड बैंक’, राष्ट्रीय संपत्ति पुनर्गठन कंपनी लिमिटेड (एनएआरसीएल) का प्रमुख प्रायोजक और शेयरधारक होगा।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, केनरा बैंक उस इकाई में 12 प्रतिशत तक इक्विटी का योगदान करेगा, जिसपर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का दबदबा होने की संभावना है। केनरा बैंक के अलावा सभी इक्विटी निवेशकों के पास विविध स्वामित्व ढाँचा सुनिश्चित करने के लिए 10 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी होगी।

यह गौर किया जाना चाहिए कि संभावना है कि एनएआरसीएल इस माह के अंत में ही अस्तित्व में आ जाएगा। शुरुआती योजना के अनुसार, 11 शेयरधारकों को प्रत्येक के नौ प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी की उम्मीद थी।

एनएआरसीएल का गठन वित्तीय परिसंपत्तियों व पुनर्निर्माण और सुरक्षा हित के प्रवर्तन (सरफेसी) अधिनियम की रूपरेखा के तहत किया जा रहा है, जो करीब एक प्रायोजक को अनिवार्य करता है। साथ ही आरबीआई के मानदंड अनिवार्य करता है कि एक बैंक एक से अधिक परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनी में प्रायोजक नहीं हो सकता है। इस संदर्भ में केनरा बैंक बिल्कुल सही बैठता है।

एसबीआई, पीएनबी, बीओबी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की भी एनएआरसीएल में इक्विटी हिस्सेदारी होगी।