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बंगाल हिंसा के सभी मामले दर्ज करे पुलिस, राज्य सरकार दे राशन व चिकित्सा- न्यायालय

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (2 जुलाई) को पुलिस को आदेश दिया कि वे हिंसा के शिकार उत्तरजीवितों के सभी मामले दर्ज करें। साथ ही राज्य सरकार को सभी उत्तरजीवितों के लिए चिकित्सा उपचार और राशन कार्ड न होने पर राशन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, कलकत्ता उच्च न्यायालय की पीठ ने चुनाव बाद हुई हिंसा को लेकर मानवाधिकार आयोग की जाँच को 13 जुलाई तक बढ़ा दिया है। अब अगली सुनवाई भी अब इसी तिथि को होगी।

इससे पूर्व, मानवाधिकार आयोग की टीम ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके और उत्तरजीवितों से वार्ता के बाद 30 जून को हुई गत सुनवाई में पीठ के समक्ष अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की थी।

बंगाल हिंसा को लेकर दायर की गई जनहित याचिकाओं पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अगुवाई वाली पाँच न्यायाधीशों की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में आरोप लगाया गया कि पीड़ितों की शिकायतें भी नहीं दर्ज की जा रही हैं। इसके बाद न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया।

बता दें कि यह मामला गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय में भी उठाया गया था। इसको लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र व बंगाल सरकार को नोटिस भेजा था। साथ ही चुनाव आयोग को भी नोटिस जारी करके जवाब मांगा था।