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उच्च न्यायालय ने ममता सरकार को शुभेंदु अधिकारी के करीबी को छोड़ने का दिया आदेश

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा झूठे सरकारी नौकरी घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किए गए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी राखल बेरा को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार (2 जुलाई) को तत्काल छोड़ने के आदेश दिए।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से कहा, “राखल बेरा के विरुद्ध अब आगे भी कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं होनी चाहिए। यदि ऐसा करना है तो उसके लिए न्यायालय से अनुमति लेनी होगी।”

जून में बंगाल पुलिस ने सुजीत डे नाम के व्यक्ति की ओर से दायर शिकायत के आधार पर राखल बेरा को गिरफ्तार किया था। उन्होंने शिकायत में कहा था कि सरकारी नौकरी का वादा करके मेरे साथ ठगी की गई थी। मुझे सिंचाई एवं जलमार्ग विभाग में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया था।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि राखल बेरा ने कोलकाता की एक सोसायटी में स्थित फ्लैट में 2019में जुलाई से सितंबर तक कैंप लगाया था। उसमें नौकरी देने का वादा किया था। बता दें कि शुभेंदु अधिकारी हमेशा टीएमसी के निशाने पर रहते हैं क्योंकि उन्होंने नंदीग्राम विधानसभा सीट से ममता बनर्जी को हरा दिया था।