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कलकत्ता उच्च न्यायालय बंगाल हिंसा पर अपने आदेश पर अडिग, राज्य सरकार कटघरे में

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद हुई हिंसा के मामले में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को राहत ना देते हुए सोमवार (21 जून) को अपने 18 जून के निर्णय पर रोक नहीं लगाने को कहा है।

टाइम्स नाऊ हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा कि मामले में राज्य सरकार को जो कुछ भी कहना है, वह राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के समक्ष प्रस्तुत होकर कहे।

बता दें कि भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हुई हिंसा के मामले की जाँच को लेकर उच्च न्यायालय में कई जनहित याचिकाएँ दायर की गई थीं। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने एनएचआरसी को एक समिति गठिन करने का आदेश दिया था, जो प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके 30 जून तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। ममता बनर्जी सरकार ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी।

न्यायालय ने कहा था कि हिंसा के लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान अवश्य होनी चाहिए। भाजपा का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के कहने पर उसकी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमले हुए और उनकी संपत्तियो को हानि पहुँचाई गई थी।