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कैग रिपोर्ट- आवश्यकता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता यूपीए का राफेल विमान सौदा

नियंत्रक एवं महालेखाकार परीक्षक (कैग) द्वारा राफेल सौदे पर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस (यूपीए) के विमान सौदे में त्रुटि थी, एएनआई  ने रिपोर्ट किया।

रिपोर्ट के अनुसार 2015 में रक्षा मंत्रालय के दल ने पाया था कि डसॉल्ट एविएशन के 126 विमानों का प्रस्ताव तकनीकी मूल्यांकन चरण पर ही विफल हो जाता। दल का मानना था कि यह आरएफपी आवश्यकताओं के अनुकूल नहीं था। यह भी कहा गया है कि 126 विमानों के प्रतिपादन से बेहतर 18 विमानों की डिलीवरी की योजना बेहतर है।

रिपोर्ट का कहना है कि डसॉल्ट एविएशन सबसे कम मूल्य की बोली लगाने वाली कंपनी नहीं थी और यूरोपियन एयरोनॉटिक डिफेन्स एंड स्पेस कंपनी (ईड्स) निविदा आवश्यकताओं को पूरा कर पाने में अक्षम थी।

इस रिपोर्ट ने भारतीय वायुसेना द्वारा स्वीकृत 11 सौदों का अध्ययन किया है और उन्हें दो भागों में विभाजित किया है जिसमें दूसरा भाग राफेल सौदे को समर्पित था।