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हिंसा के कारण मेट्रो स्टेशन बंद, सर्वोच्च न्यायालय शाहीन बाग की सुनवाई 26 को करेगा

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली में फिर हिंसा बढ़ती जा रही है। रविवार को जफराबाद और मौजपुर-बाबरपुर में हुए उपद्रव के बाद कुछ जगहों पर सोमवार को भी प्रदर्शन और हिंसा जारी है। इसके बाद दिल्ली के दो मेट्रो स्टेशनों पर ट्रेनें बंद कर दी गईं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सीलमपुर से मौजपुर के रास्तों पर यातायात को बंद कर दिया है।

उधर, अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, शाहीन बाग में सड़क खाली करवाने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की ओर से नियुक्त दोनों वार्ताकारों ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसके बाद न्यायालय ने मामले की सुनवाई दो दिनों के लिए टाल दी है। अब मामले की सुनवाई 26 फरवरी को होगी।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, बाबरपुर में दो गुटों के बीच फिर से पत्थरबाजी शुरू हो गई है। इसमें कई लोग घायल हो गए हैं। पुलिस को आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े हैं। हालांकि, पुलिस बीच-बचाव कर मामला शांत करवाने में जुटी हुई है।

करावल नगर रोड स्थित शेरपुर चौक पर रविवार देर रात हिंसा में आगजनी के बाद लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। एक समुदाय जहाँ डंडे लेकर श्रीराम के नारे लगा रहा है तो दूसरी तरफ चाँद बाग की पुलिया के पास दूसरे समुदाए के लोगों की भीड़ जुट रही है।

मौजपुर में हालात ऐसे हैं कि 50 मीटर की दूरी पर आमने-सामने नारेबाजी हो रही है। पुलिस के सामने तलवारें लहराई जा रही हैं। साथ ही पुलिस पर पथराव भी हुआ है। वहाँ पत्थरबाजों ने एक दीवार भी तोड़ दी है। मौजपुर के कुछ इलाकों में घरों से लोग पत्थरबाजी कर रहे हैं। इससे कई घरों के शीशे टूटने की खबर है।