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अमित शाह की छात्रों से अपील, “नागरिकता कानून का अध्ययन कर सच्चाई समझें”

गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार (16 दिसंबर) को आग्रह किया कि नए संशोधन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को नागरिकता अधिनियम का अध्ययन करना चाहिए। यह साफतौर पर रेखांकित करता है कि संशोधित कानून किसी की नागरिकता छीनने का कोई प्रावधान नहीं रखता है।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के पोड़ैयाहाट में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) , आम आदमी पार्टी (आप) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को भ्रामक प्रचार के लिए दोषी मानते हुए कहा, “उन्होंने छात्रों को भड़काया और देश में हिंसा का मौहाल पैदा किया।”

शाह की ओर से यह बात दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और आसपास के अन्य लोगों के नागरिकता अधिनियम के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि के संबंध में की गई।

दिल्ली में हिंसक विरोध प्रदर्शन भारत नगर क्षेत्र के पास दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की तीन बसों को जलाने के बाद देखा गया। इसके बाद पुलिस ने जेएमआई के परिसर में प्रवेश किया और प्रदर्शनकारियों से पथराव के हमलों का सामना करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।