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बढ़ते निर्यात से प्रोत्साहित हो भारत ने व्यापार बढ़ाने के लिए सूची में जोड़े 380 उत्पाद

भारत ने चीन से व्यापारिक घाटा कम करने के उद्देश्य से निर्यात हेतु बागवानी, वस्त्र, रसायन, औषधि सहित 380 उत्पादकों की पहचान की है। साथ ही इनकी सूची चीन के साथ साझा की है। पता चला है कि इन उत्पादों का निर्यात बढ़ने से भारत को चीन के साथ अपना व्यापारिक घाटा कम करने में मदद मिलेगी।

चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा फरवरी 2018-19 के दौरान 50.12 अरब डॉलर था। इस दौरान चीन में भारत का निर्यात 28.61 प्रतिशत से बढ़कर करीब 15 बिलियन डॉलर हो गया। वहीं, चीन से आयात 6.29 प्रतिशत बढ़कर 65 बिलियन डॉलर हो गया।

लाइवमिंट  की रिपोर्ट के अनुसार, भारत चीन में शिपमेंट को बढ़ावा के लिए कई ज़रूरी कदम उठा रहा है। हाल ही में भारत चीन को गैर बासमती चावल निर्यात करने में कामयाब रहा है। हाल ही के महीनों में भारत के समुद्री उत्पादों, कपास, जैविक रसायन, अंगूर और प्लास्टिक के निर्यात में भी काफी मात्रा में बढ़ोतरी हुई है।

भारत विभिन्न कृषि उत्पादों, पशु चारा, तिलहन, दूध और दूध से बने उत्पादों, औषधि के लिए ज्यादा से ज्यादा चीन में पहुंचाने की मांग कर रहा है। वहाँ इन उत्पादों और सेवाओँ की बहुत संभावनाएँ हैं। इसी के साथ ही स्मार्ट घरेलू उपकरणों, ऑटो कलपुर्जों, चिकित्सा उपकरणों और कृषि वस्तुओं के 100 भारतीय निर्यातक चीन के अंतरराष्ट्रीय आयात एक्सपो के दूसरे संस्करण में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। यह एक्सपो साल के अंत में शंघाई में 5 से 10 नवंबर तक चलेगी।