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बजट 2019 में कृषि- छोटे किसानों को 6,000 रुपये के डीबीटी के साथ अन्य घोषणाएँ

बजट 2019 में पीयूष गोयल ने एक नई योजना किसान सम्मान निधि की घोषणा की है। इसके तहत, सरकार ऐसे छोटे और सीमांत किसान, जो 1 दिसंबर 2018 के बाद से दो हेक्टेयर से कम उत्पादक भूमि के मालिक हैं, को सीधे लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 6,000 रुपये नकद प्रदान करेगी

वित्त मंत्री ने कहा कि इस पहल से 75,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर 12 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को लाभ होगा। इस योजना से किसानों को सम्मानजनक जीवनयापन करने में मदद मिलेगी।

साथ ही एक ऐतिहासिक फैसले में सरकार ने सभी 22 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को 1.5 गुना बढ़ाने की घोषणा की है।

इस पैसे का उपयोग किसान अपनी ज़मीन की उत्पादकता में सुधार लाने के लिए बीज, उर्वरक और अन्य मशीनरी जैसी चीजों को खरीदने के लिए कर सकते हैं। इसी तरह की योजना को तेलंगाना सरकार ने रयतु बंधु परियोजना के रूप में सफलतापूर्वक लागू किया था।

अर्थशास्त्रियों के हिसाब से किसानों के बैंक खातों में सब्सिडी सीधे हस्तांतरित करके अपवर्जन और समावेश त्रुटियों को समाप्त करने के साथसाथ ऐसे  लाभार्थियों का भी पता चल सकता है जो वाकई में मौजूद नहीं हैं।

सरकार ने पशुपालन और मत्स्य पालन पर भी ज़ोर डाला है, जिसके लिए किसानों को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान में दिया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि फसली ऋणों के पुनर्निर्धारण के स्थान पर, गंभीर प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित सभी किसानों को समय पर पुनर्भुगतान पर 2 प्रतिशत ब्याज उपकर और अतिरिक्त 3 प्रतिशत ब्याज उपकर मिलेगा। यह घोषणा 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने हेतु सरकार ने की है।

गोयल ने किसानों के लाभ के लिए प्रधान मंत्री मोदी की सरकार के द्वारा किए गए कई उपायों को भी रेखांकित किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बोझिल संस्करणों को बदल दिया, जबकि नुकसान के मामले में, एक सुनिश्चित भुगतान प्रदान किया। इसके अलावा सरकार द्वारा सिंचाई सुविधाओं, उच्च गुणवत्ता वाले बीजों आदि के प्रावधान के लिए कई योजनाएँ तैयार की गईं।