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कृषि को बढ़ावा देने को केंद्र ने पीएम-किसान योजना के लिए 30 प्रतिशत बजट बढ़ाया

केंद्र सरकार ने कृषि पर ध्यान केंद्रित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में कृषि और इससे संबद्ध गतिविधियों जैसे खाद्य व खाद्य प्रसंस्करण के लिए अधिक बजट आवंटित किया है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के लिए चालू वित्त वर्ष में 1,09,750.17 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले आवंटित धन 30 प्रतिशत बढ़ाकर 1,42,761.58 करोड़ रुपये कर दिया गया।

कुल आवंटन में से पीएम-किसान योजना को वित्तीय वर्ष के लिए 75,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास बीमा योजना है, जिसको 15,695 करोड़ रुपये मिले। केंद्र ने पीएसएस के लिए भी 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए।

कृषि मशीनीकरण के बढ़ावे को 600 करोड़ रुपये, पीएम-आशा और 10,000 एफपीओ की स्थापना के लिए 500-500 करोड़ रुपये आवंटित किए। अगले वित्तीय वर्ष के लिए पीएम किसान सम्मान निधि को 220 करोड़ रुपये आवंटित हुए।

पीएम-किसान योजना के लिए आवंटन इस वर्ष के संशोधित अनुमान में दिए गए 54,370.15 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्तीय वर्ष 2021 के लिए 75,000 करोड़ रुपये रखा गया। कृषि और अनुसंधान विकास के लिए संशोधित अनुमान 7846.17 करोड़ रुपये के मुकाबले 8,362.58 करोड़ रुपये है।

केंद्र सरकार ने पशुपालन, पशुधन, डेयरी और मत्स्य मंत्रालय के लिए आवंटन 3,490 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से बढ़ाकर 4,114.13 रुपये करोड़ कर दिया है। खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के लिए आवंटन अगले वित्त वर्ष के लिए 1,042.79 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से बढ़ाकर 1,232.94 करोड़ रुपये कर दिया। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के लिए 1,08,688.35 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले 1,15,569.68 करोड़ रुपये किया है।

हालाँकि, उर्वरक और रसायन मंत्रालय का बजटीय आवंटन अगले वित्त वर्ष के लिए 80,540.1.18 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से घटाकर 71,563.34 करोड़ रुपये किया गया है।