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केस वापस नहीं लिए तो समर्थन पर पुनर्विचार- बसपा प्रमुख की कांग्रेस को चेतावनी

सोमवार (31 दिसंबर) को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती यादव ने राजस्थान तथा मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार से 2 अप्रैल को हुए भारत बंद में शामिल लोगों पर केस वापस लेने की माँग करते हुए कांग्रेस सरकार को दिए समर्थन पर पुनर्विचार करने की चेतावनी दे दी है, हिन्दुस्तान टाइम्स  की रिपोर्ट में बताया गया।

उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस की नई सरकारों ने अविलंब उचित कार्रवाई नहीं की तो फिर बसपा को वहाँ की सरकारों को बाहर से समर्थन देने पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।”

उल्लेखनीय है कि दलित संगठनों ने एससी-एसटी (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम 1989 लागू करने की एससी-एसटी सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण की माँग करते हुए 2 अप्रैल को भारत बंद किया था। मायावती ने कहा कि इसके बाद भाजपा द्वारा विभिन्न राज्यों में निर्दोष लोगों पर मुकदमे दर्ज किए थे।

रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो वादे विधानसभा चुनावों के दौरान किए थे उसे उनसे पीछे नहीं हटना चाहिए। केवल वादों से जनता को संतुष्ट नहीं किया जा सकता।

नववर्ष की शुभकामना देते हुए उन्होंने लोगों से कहा कि वे वादा करें कि वे 2014 जैसी गलती पुन: नहीं करेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि तीन राज्यों में लोगों ने भाजपा के नेतृत्व का घमंड चूर किया है तथा 2019 के चुनावों के बाद बनने वाली सरकार के बारे में संकेत भी दे दिए हैं।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में दो सीटें जीतने वाली तथा राजस्थान में छ: सीटें जीतने वाली बसपा कांग्रेस को पूर्ण बहुमत न मिलने पर बाहर से समर्थन दे रही है।