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बीएसएनएल का आईओटी नेटवर्क कृषि, रेलवे की करेगा सहायता, स्काइलो द्वारा विकसित

बीएसएनएल ने स्काईलोटेक इंडिया के साथ साझेदारी में आज सैटेलाइट आधारित एनबी-आईओटी (नैरो बैंड-इंटरनेट ऑफ थिंग्स) में सफलता हासिल करने की घोषणा की।

इस समाधान के साथ भारत के पास अब लाखों असंबद्ध मशीनों, सेंसर और औद्योगिक आईओटी उपकरणों से संपर्क के एक लिए सर्वव्यापी संरचना तक पहुँच होगी।

यह नया मेड इन इंडिया समाधान है, जिसको स्काईलो द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। यह बीएसएनएल सैटेलाइट-ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जुड़ेगा और भारतीय समुद्रों सहित पैन-इंडिया कवरेज प्रदान करेगा।

कंपनी ने कहा, “स्काइलो 2021 में कोविड-19 के टीके के प्रभावी वितरण के लिए लॉजिस्टिक क्षेत्र को अहम आँकड़े उपलब्ध कराने में भी मदद करेगी और देश की सेवा में एक बड़ा योगदानकर्ता साबित होगी।”

स्काईलो के सीईओ और सह-संस्थापक पार्थसारथी त्रिवेदी ने कहा, “सदियों से कृषि, रेलवे और मत्स्य पालन सहित उद्योग ऑफलाइन काम कर रहे हैं। उन्हें अब तक एआई और आईओटी में नवीनतम प्रगति का पूरा लाभ उठाने का मौका नहीं मिला है। यह दुनिया का पहला उपग्रह आधारित एनबी-आईओटी नेटवर्क है। जीवन और हमारे घरेलू उद्योगों को पूरी तरह बदलने वाली इस क्षमता को लॉन्च करने पर मुझे गर्व है।”

यह नई तकनीक भारत के प्रमुख क्षेत्रों में स्वदेशी आईओटी कनेक्टिविटी लाने के दूरसंचार विभाग और नीति आयोग की योजना का समर्थन करती है। इस तकनीक का पहले से ही सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। इसके उदाहरणों में भारतीय रेलवे, मछली पकड़ने के जहाज और पूरे भारत में जुड़े वाहनों को सक्षम करना शामिल है।