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बीएसएनएल ने शुरू की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना, 80,000 कर्मचारियों से अपेक्षा

सरकार द्वारा संचालित भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने अपनी स्वैच्छिक सेवनिवृत्ति योजना (वीआरएस) की अधिसूचना जारी की है।

इसके साथ ही बीएसएनएल ने अपने क्षेत्र अध्यक्ष को इस सूचना से जुड़े दिशा निर्देशों को सब तक परिचालित करने को कहा है ताकि बीएसएनएल के कर्मचारी इस विकल्प की सुविधा का लाभ उठा सकें।

पूछे जाने पर बीएसएनएल के क्षेत्र अध्यक्ष ने कहा, “केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुपालन में जिससे दूसरसंचार विभाग (डीओटी) ने अवगत कराया है। बीएसएनएल की वीआरएस योजना 2019 को सभी संबंधित एवं अहम पात्र कर्मचारियों, जो इस योजना के तहत स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति चाहते हैं, को इस योजना के प्रावधानों के बारे में बताया जा रहा है।”

इसके आगे बीएसएनएल अधिकारी ने बताया, “स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का यह विकल्प 4 नवंबर से 3 दिसंबर तक उपलब्ध रहेगा जबकि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की प्रभावी तिथि इस योजना के तहत 31 जनवरी 2020 है।”

बीएसएनएल ने अपने क्षेत्राधिारियों को कहा है, “इस योजना का प्रचार बड़े पैमाने पर करें ताकि पात्र कर्मचारी सोच-समझकर निर्णय ले सकें और इस विकल्प का उपयोग करके स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति तय समय सीमा में ले सकें।”

सभी क्षेत्र अपने स्तर कर्मचारियों को खुले तौर पर इस योजना के बारे में अधिक से अधिक जानकारी देंगे। इस योजना के प्रमुख बिंदुओं को दर्शाने वाले होर्डिंग भी लगाए जाएँगे।

दूरसंचार मंत्री रवि शंकर ने बीएसएनएल से कहा है कि वे अपने कर्मारियों से इस विषय पर बातचीत शुरू करें।

आईएएनएस को विशेष सूत्र ने बताया, “बीएसएनएल का पुनर्जीवन स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना की सफलता पर ही निर्भर करता है। यदि वीआरएस योजना सही तरीके से लागू नहीं होती है तो इसकी जवाबदेही उपर के अधिकारियों की होगी।”

वीआरएस योजना की सफलता के तार बीएसएनएल के पुनर्जीवन से जुड़े हुए हैं क्योंकि बीएसएनएल के राजस्व का 75 प्रतिशत हिस्सा बीएसएनएल के 1.75 लाख कर्मचारियों के वेतन में चला जाता है।