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बीआरओ ने चमोली में बाढ़ से क्षतिग्रस्त 200 फुट का पुल रिकॉर्ड 26 दिनों में बनाया

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने उत्तराखंड के चमोली जिले में रैनी गाँव के पास ऋषिगंगा नदी के पार जोशीमठ-मलारी मार्ग पर 200 फीट के बैली पुल का निर्माण किया है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस पुल को बुधवार (3 मार्च) को जनता के लिए खोला गया था। बीआरओ द्वारा निर्मित बैली पुल के माध्यम से चमोली जिले के 13 सीमावर्ती गाँवों के लोगों के आने-जाने की सुविधा फिर से बहाल हो गई है। गत महीने एक ग्लेशियर के टूटने की वजह से आई बाढ़ की चपेट में आकर पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।

7 फरवरी को आई आपदा में 13 गाँवों को जोड़ने वाला एक 90 मीटर प्रबलित सीमेंट कंक्रीट पुल भी बह गया था, जो चमोली में नीती सीमा की एकमात्र कड़ी थी।

बीआरओ द्वारा 26 दिनों के रिकॉर्ड समय में बैली पुल का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इस संबंध में एक बयान जारी करते हुए बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने कहा, “पुल को ‘द ब्रिज ऑफ कम्पैशन’ का नाम दिया गया है, जो कि रेनी पावर प्लांट और एनटीपीसी के कर्म योगियों के लिए एक श्रद्धांजलि है।” उन्होंने राज्य सरकार को भी इस कठिन कार्य के पूरा करवाने में सहायता प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया।