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सुखोई द्वारा ब्रह्मोस का सफल परीक्षण, खड़ी दिशा में गोता के साथ मुड़ने की क्षमता

ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ सुधीर कुमार मिश्रा ने बताया, “भारतीय वायुसेना के सुखोई एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान के जरिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के खड़ी दिशा में सीधे गोता लगाने वाले संस्करण का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।”

500 किमी तक की बढ़ी हुई रेंज के साथ स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल का उन्नत संस्करण भी तैयार है। इस तरह भारत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) का हिस्सा बन गया है।

ब्रह्मोस मिसाइल ‘माच 2.8’ पर संचालित होती है। यह ध्वनि की गति से करीब तीन गुना अधिक है और एसयू-30 जेट विमान पर तैनात होने वाला सबसे भारी हथियार है। इस तरह भारत एकमात्र देश बन गया है, जिसने अपने लड़ाकू विमानों पर लंबी दूरी की मिसाइलों को एकीकृत किया है।

सुधीर कुमार मिश्रा ने बताया, “ब्रह्माोस के नए गहरे गोता संस्करण में 90 डिग्री पर लंबवत एक लक्ष्य पर प्रहार करने की क्षमता है। साथ ही लक्ष्य पर प्रहार करने से पहले 15 डिग्री मुड़ने की क्षमता भी है। इसका मतलब है कि ब्रह्मोस मिसाल गुफाओं जैसी संरचनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से मार सकता है।”