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सीमावर्ती जिलों में मतदाता संख्या बढ़ने की शिकायत चुनाव आयोग से की बंगाल भाजपा ने

पिछले चार वर्षों में पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में मतदाताओं की संख्या बढ़ने का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का प्रचिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला और मामले पर गौर करने का निवेदन किया। चुनाव आयोग के समक्ष भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के कार्यकारी सदस्य शिशिर बजोरिया और स्वपन दासगुप्ता व शमिक भट्टाचार्य जैसे नेताओं ने बात रखी।

“2016 से 2020 के बीच पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में 63 लाख मतदाता बढ़े हैं। माल्दा और मुर्शीदाबाद के सीमावर्ती जिलों में उछाल चिंताजनक है जहाँ 14-14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्तर दिनाजपुर में 13 प्रतिशत तो 24 दक्षिण परगना व दक्षिण दिनाजपुर में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।”, बजोरिया ने कहा।

बजोरिया का आरोप है कि मतदाता सूची में कई विसंगतियाँ है जहाँ तीन वर्षों में 9.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्राथमिक विश्लेषण के अनुसार 23 विधानसभा क्षेत्रों में 20 प्रतिशत मतदाता बढ़े हैं। “जहाँ भी 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि है, वह चिंताजनक है। हमने चुनाव आयोग से निरीक्षण करने के लिए कहा है।”, उन्होंने कहा।

वहीं तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता देबांग्शु भट्टाचार्य ने कहा है कि सीमा से घुसपैठ रोकने का दायित्व केंद्र का है। उनके अनुसार भाजपा ये मुद्दा हिंदुओं में डर पैदा करने और मुस्लिमों को बुरा दिखाने के लिए कर रही है।