समाचार
संजय राउत को बताना होगा कि ‘हरामखोर’ शब्द किसके लिए उपयोग किया था- न्यायालय

मुंबई में बीएमसी द्वारा कंगना रनौत के कार्यालय का एक हिस्सा तोड़े जाने के मामले में सोमवार (28 सितंबर) को बॉम्बे उच्च न्यायालय ने सुनवाई की। इस दौरान संजय राउत द्वारा अभिनेत्री को ‘हरामखोर’ कहने को लेकर जवाब तलब किया गया और बीएमसी को आनन-फानन में कार्रवाई करने के लिए फटकार लगाई गई।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उच्च न्यायालय ने संजय राउत के वकील से कहा, “आपके मुवक्किल को बतान होगा कि उन्होंने हरामखोर शब्द किसके लिए उपयोग किया था।”

बीएमसी के वकील ने कहा, “याचिका इस तरह पेश की गई, जिससे लग रहा है कि व्यक्ति विशेष के सरकार और सत्तारूढ़ दल के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बोलने से उन पर उत्पीड़न हुआ है। सच्चाई इससे थोड़ी अलग है। यह मामला याचिकाकर्ता के गैरकानूनी रूप से अवैध निर्माण का है।”

कंगना के वकील बिरेंद्र सराफ ने न्यायालय को बताया कि कंगना के 30 अगस्त तक के सभी ट्वीट पेश कर दिए गए हैं। संजय राउत का पूरा साक्षात्कार अभी तक नहीं ढूंढ पाए हैं। सिर्फ एक क्लिप है, जो सार्वजनिक मौजूद है। पूरा वीडियो निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “कंगना ने सरकार के खिलाफ कुछ बयान दिए थे और उनके एक ट्वीट पर संजय राउत की तीखी प्रतिक्रिया आई थी। राउत ने कहा था कि कंगना को सबक सिखाना होगा।” वकील ने राउत के उस बयान का वीडियो क्लिप भी चलाया, जिसमें उन्होंने “हरामखोर” शब्द का उपयोग किया था।

इस पर संजय राउत के वकील ने कहा, “मेरे मुवक्किल ने किसी का नाम नहीं लिया। इस पर न्यायालय ने पूछा, “अगर राउत कह रहे हैं कि उन्होंने कंगना के लिए ऐसा कुछ नहीं कहा तो क्या हम इस बयान को रिकॉर्ड कर सकते हैं।” इसके बाद राउत के वकील बोले कि मैं इसको लेकक अपना एफिडेविट कल फाइल करूँगा।