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बीएमसी ने ठुकराया अधिकारी को छोड़ने का अनुरोध, बिहार के डीजीपी जाएँगे न्यायालय

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जाँच के लिए बिहार से मुंबई गए आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को बीएमसी ने क्वारंटाइन कर दिया था। इसको लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार (5 जुलाई) को फटकार लगाई है। इससे पूर्व, बिहार सरकार ने भी बीएमसी से अधिकारी को मुक्त करने की बात कही थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इससे क्रोधित होकर बिहार के डीजीपी ने अब न्यायालय जाने की बात कही है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, क्वारंटाइन किए गए अधिकारी के खिलाफ बिहार पुलिस के आईजी ने बीएमसी को पत्र लिखकर विरोध जताया और उन्हें मुक्त करने का अनुरोध किया था। हालाँकि, बीएमसी ने उस अनुरोध को खारिज कर दिया।

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने इस पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा, “अब बिहार पुलिस बीएमसी के खिलाफ न्यायालय जाएगी। वह अधिकारी के साथ कुछ भी कर सकता है। इस बाबत उन्होंने ट्वीट करके जानकारी दी।”

बता दें कि पटना में दर्ज एफआईआर को मुंबई स्‍थानांतरित कराने के लिए मुख्‍य आरोपित रिया चक्रवर्ती सर्वोच्च न्यायालय गई थीं। रिया के साथ महाराष्ट्र सरकार है। बुधवार को इस मामले में हुई सुनवाई में केंद्र सरकार ने बिहार सरकार के सीबीआई जाँच की सिफारिश को स्वीकार करने की जानकारी दी। न्यायालय ने बिहार पुलिस अधिकारी के जबरन क्वारंटाइन किए जाने को लेकर नाराज़गी जताई और मुंबई पुलिस को मामले के साक्ष्य न मिटाने के आदेश दिए।