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गुपकार गठबंधन को झटका, सज्जाद लोन की जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस हुई अलग

जम्मू-कश्मीर के गुपकार गठबंधन को पहला झटका लगा है। सज्जाद लोन की अगुआई वाले जम्मू-कश्मीर पीपल्स कॉन्फ्रेंस (जेकेपीसी) ने गठबंधन से किनारा कर लिया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सज्जाद लोन ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के मुखिया फारूक अब्दुल्ला को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि अन्य दलों ने हाल ही में हुए डीडीसी चुनावों में जेकेपीसी के खिलाफ प्रतिनिधि उम्मीदवार उतारे थे। जेकेपीसी के नेताओं ने श्रीनगर में एक बैठक की और वहाँ से गुपकार गठबंधन के साथ किसी भी चुनावी गठजोड़ का अंत करने का निर्णय लिया।

लोन ने पत्र में लिखा, “हमारे लिए यह मुश्किल है कि हम इस पर बने रहें और दिखावा करें जैसे कि कुछ हुआ ही नहीं। भागीदारों के बीच विश्वास का उल्लंघन हुआ है, जो अब ठीक नहीं हो सकता है। पार्टी का दृष्टिकोण यह है कि हमें गठजोड़ करने के लिए चीजों की प्रतीक्षा करने की बजाय सौहार्दपूर्ण तरीके से गठबंधन से बाहर निकलना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “इस गठबंधन को बलिदान की आवश्यकता थी। हर पार्टी को साथी सहयोगियों को जगह देने के लिए बलिदान करना पड़ा। कोई भी पार्टी जगह खाली करने को तैयार नहीं है और कोई भी पार्टी बलिदान देने को तैयार नहीं है। हमने कश्मीर प्रांत में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ाई लड़ी, 5 अगस्त के अपराधियों के खिलाफ नहीं (5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त किया)। जिन लोगों ने 5 अगस्त को अपराध किया था, उनके मंत्री अब मुखर हैं।”

चुनावों के लिए नेकां और महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के साथ मिलकर साजिद लोन की आलोचना करने के लिए जेकेपीसी के नेता अब्दुल गनी वकिल और इमरान रेजा अंसारी खुलकर सामने आए थे।