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येदियुरप्पा ने चौथी बार ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 14 बागी विधायकों की स्थिति स्पष्ट नहीं

कर्नाटक में कई दिनों की सियासी उठापटक के बाद भाजपा की सरकार ने फिर वापसी कर ली। राज्य के भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हालाँकि, अभी चुनौतियाँ कम नहीं हुई हैं। उन्हें 29 जुलाई तक बहुमत साबित करना है।

दैनिक जागरण  की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री बनते ही येदियुरप्पा ने कहा, “मैं राज्य के लोगों का आभारी हूँ, जिन्होंने मुझे यह कार्यभार सौंपा। मेरा पद राज्य के लोगों का सम्मान है। मैंने बैठक में दो प्रमुख निर्णय लिए हैं। प्रधानमंत्री किसान योजना के अलावा मैं लाभार्थियों को 2000 रुपये की दो किश्त भी दूँगा।”

मुख्यमंत्री बनने के बाद येदियुरप्पा ने पूर्ववर्ती एचडी कुमारस्वामी के जुलाई में जारी सभी आदेशों पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा, “मैं सोमवार को सुबह 10 बजे बहुमत साबित करूँगा। साथ ही वित्त विधेयक भी पारित करूँगा। मैं अमित शाह सहित अन्य नेताओं से कैबिनेट गठन को लेकर विचार विमर्श करूँगा।”

सरकार बनने के बाद भी भाजपा की चुनौतियाँ बरकरार हैं। तीन विधायकों के अयोग्य घोषित होने के बाद विधानसभा सदस्यों की संख्या 222 रह गई है। वहीं, बागी 14 विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर को फैसला करना है। ऐसे में येदियुरप्पा को बहुमत के लिए 112 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी।

दो निर्दलीय मिलाकर भाजपा के 106 समर्थक हैं। ऐसे में 14 विधायक यदि सदन से अनुपस्थित रहें तो बहुमत के लिए ज़रूरी आँकड़ा 105 होगा, जिसे भाजपा आसानी से हासिल कर लेगी।