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भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बेटे का बचाव कर कहा “मुद्दा बड़ा नहीं था”

सरकारी अधिकारी को क्रिकेट बैट से पीटने के मामले में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को बेटे आकाश का बचाव किया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, “आकाश और नगरपालिका अधिकारी धीरेंद्र सिंह बैस दोनों कच्चे खिलाड़ी थे। यह बड़ा मुद्दा नहीं था पर इसे बड़ा बना दिया गया।”

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “मुझे लगता है कि अधिकारियों को अहंकारी नहीं होना चाहिए। उन्हें जनप्रतिनिधियों से बात करनी चाहिए। मुझे इसकी कमी नज़र आई है। दोनों को समझना होगा, ताकि ऐसा दोबारा न हो।”

उन्होंने कहा, “मैं पार्षद, मेयर और विभागीय मंत्री रहा हूँ। बारिश के दौरान किसी भवन को ध्वस्त नहीं करते हैं। मुझे नहीं पता कि सरकार ने इस मामले में कोई आदेश जारी किया था। अगर ऐसा हुआ है तो यह उनकी ओर से गलती है।

भाजपा महासचिव ने आगे कहा, “अगर कोई भवन गिराया गया तो उसमें रहने वालों के लिए किसी धर्मशाला में व्यव्स्था की जानी चाहिए। नगर निगम ने इस मामले को ठीक से नहीं संभाला। मौके पर महिला स्टाफ और महिला पुलिस होनी चाहिए थी। यह बचकाना कदम था। ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए।”

इंदौर-3 विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए आकाश विजयवर्गीय ने जर्जर मकान को ढहाने पहुँचे निगम अधिकारी की बल्ले से पिटाई कर दी थी। आकाश को सरकारी अधिकारी की पिटाई और बिजली कटौती को लेकर इंदौर के राजबाड़ा में विरोध प्रदर्शन करने के दोनों मामलों में जमानत दे दी गई।

जेल से रिहा होने के बाद भाजपा विधायक ने कहा, “ऐसी स्थिति में जब एक महिला को पुलिस के सामने घसीटा जा रहा था, मैं और कुछ करने के बारे में सोच भी नहीं सकता था। मैंने जो किया उससे शर्मिंदा नहीं हूँ। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि मुझे बल्ले से इस तरह का काम करने का दूसरा मौका न मिले।”