समाचार
जदयू अधिक सीटों के लिए अड़ी, एनडीए को बिखरने से बचाने के लिए लोजपा से वार्ता

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीट बटवारे का फार्मूला लगभग तय हो गया। कहा जा रहा कि भाजपा और जदयू बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। बाकी को लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) के बीच बाँटा जाएगा।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, सीट बटवारे से जुड़े एक नेता ने कहा, “शुरुआती चर्चा के बाद भाजपा कैडर का सुझाव है कि जदयू और भाजपा को 105 से 110 सीटों के बीच चुनाव लड़ना चाहिए। बाकी सहयोगियों को देनी चाहिए। जदयू का कहना है कि हमारे पास एक सीट ही सही पर भाजपा से एक अधिक होनी चाहिए।”

भाजपा नेतृत्व ने घोषणा की कि पार्टी कार्यकर्ता सभी सहयोगियों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। इसमें नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार दो चेहरे होंगे। पार्टी कैडर का सुझाव है कि इस बार जदयू के खिलाफ सत्ता विरोध लहर है इसलिए बराबर सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। लोजपा को इसके लिए सहमति देनी होगी क्योंकि गठबंधन के अन्य सहयोगियों के लिए भी सीट पर विचार करना है।

लोजपा की माँग है कि उसे लोकसभा में जितनी सीटें मिली थीं, उससे छह गुना चाहिए। उसकी माँग पूरी न हुई तो वह 243 सीटों में से 143 पर चुनाव लड़ेगी। हालाँकि, वह सिर्फ जदयू के खिलाफ अपने प्रत्याशी खड़ा करेगी।

एनडीए को बिखरने और लोजपा के अलग होकर जदयू से मुकाबले को रोकने के लिए पार्टी चिराग पासवान से सीट बटवारे पर बात कर रही। सबको पता है कि चिराग जदयू और नीतीश के सबसे बड़े आलोचक हैं।

दूसरे भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और चिराग के बीच इसी को लेकर बैठक हुई। इसके बाद लोजपा और भाजपा नेतृत्व के बीच बैठकों का दूसरा दौर चल रहा है। उम्मीद है कि इस सप्ताह तक बिहार की सभी सीटों को लेकर बढ़ रही उलझनें सुलझा जाएँगी।