समाचार
“राजीव गांधी फॉउंडेशन को चीनी दूतावास से राशि” मिलने पर भाजपा नेताओं का निशाना

कांग्रेस के चीन को लेकर लगातार निशाना साधने के बाद भाजपा ने अब पलटवार करना शुरू किया है। गुरुवार (25 जून) को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं जेपी नड्डा, रविशंकर प्रसाद, शिवराज सिंह चौहान और राम माधव ने चिर विरोधी रहे पड़ोसी देशों के साथ कांग्रेस के नजदीकी संबंधों पर कड़े प्रहार किए।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस के संबंधों को लेकर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव गांधी फॉउंडेशन ने चीनी दूतावास से चंदे के नाम पर रिश्वत ली थी। आश्चर्य है कि फॉउंडेशन ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना और चीनी दूतावास से 2005-06 में 90 लाख रुपये लिए। यह कांग्रेस और चीन का गुप्त रिश्‍ता है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “राहुल गांधी बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। उन्हें इतिहास में झांक कर देखना चाहिए। उन्हें तब पता चलेगा कि भारत के विभाजन की गुनहगार उनकी कांग्रेस पार्टी ही है।”

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, “कांग्रेस के 10 वर्ष के शासन में पहले ज़मीन दी गई। फिर चीन के सामने घुटने टेक दिए गए। चीन को लेकर उनके रक्षा मंत्री कभी ठीक से जवाब नहीं देते थे। 2008 में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एक समझौता किया था। इसमें राहुल गांधी ने खुद हस्ताक्षर किए और पीछे सोनिया गांधी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग खड़े थे। अब तक विपक्षी पार्टी ने नहीं बताया कि ये रिश्ता क्यों बना?

भाजपा महासचिव राम माधव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में भूदान आंदोलन चलता रहा। उस दौरान चीन और पाकिस्तान को देश की ज़मीन दी जाती रहीं। अब नरेंद्र मोदी की सरकार किसी को इंच भर ज़मीन हड़पने नहीं दी जाएगी। उसी सदी में सियाचिन को भी पाकिस्तान को देने की कोशिश की गई। 2013 में लद्दाख चुमार क्षेत्र में भारत को बेहद अपमानजनक स्थिति देखनी पड़ी।