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बिल गेट्स फाउंडेशन ने यूपीआई और आधार तकनीक को सराहा, अन्य देशों में भी लाएँगे

माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने वित्तीय नवाचार और समावेशन के लिए भारत की नीतियों की सराहना की है। उन्होंने खुलासा किया कि उनका फाउंडेशन अन्य देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है, जो भारत द्वारा लागू की गईं प्रौद्योगिकियों पर आधारित है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर फिनटेक फेस्टिवल में बोलते हुए गेट्स ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) और आधार जैसे भारत के मंचों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “गरीबों के बीच धन वितरण की लागत में भारी कमी आई है।”

बिल गेट्स ने कहा, “भारत एक बड़ा उदाहरण है। वहाँ चीजें वास्तव में तेजी से बढ़ रही हैं और उस प्रणाली के चारों ओर नवाचार अभूतपूर्व है।”

बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन अब अन्य राष्ट्रों को इस तरह की ओपन-सोर्स टेक्नोलॉजी स्थापित करने में मदद कर रहा है। 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से यूपीआई भारत में मजबूत हो गया है। नवंबर में इसने 2.2 अरब का लेन-देन दर्ज किया है।

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आँकड़ों से पता चलता है कि यूपीआई के माध्यम से ये डिजिटल लेन-देन गत एक वर्ष पहले की समान अवधि में लगभग 1.21 अरब से दोगुना हो गए हैं।

आधार दुनिया का सबसे बड़ा बायोमीट्रिक डेटाबेस है और लगभग 123 करोड़ आधार कार्ड अब तक जारी किए जा चुके हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के साथ इसके एकीकरण के माध्यम से चीजों को बाहर आने से रोकने में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।