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“सुशांत के स्टाफ के चार लोगों ने हर बार बदले बयान”- क्वारंटाइन किए जाने वाले तिवारी

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बिहार से मुंबई जाँच के लिए गए आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को बृहमुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) ने जबरन क्वारंटाइन कर दिया था। अधिकारी ने बताया कि सच को छुपाया जा रहा है। अभिनेता के स्टाफ के चार सदस्य मामले के खुलासे में प्रमुख कड़ी साबित हो सकते हैं।

दैनिक जागरण से हुई बातचीत में अधिकारी ने बताया, “हादसे के वक्त सुशांत के घर में मौजूद चार लोग दीपेश, देवेश, पठानी और एक अन्य से कई बार बात हुई थी। हर बार उन्होंने अपने बयान बदल दिए थे। ये चारों ही इस मामले में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं। अगर उनसे पूछताछ हो तो सारी असलियत बाहर आ जाएगी।”

उन्होंने कहा, “जाँच में यह साफ हुआ कि सुशांत के पास काम और पैसों की कमी नहीं थी। अब तक जिनसे भी बात हुई थी, उन्होंने यही बताया था कि अभिनेता की जिंदगी में एक लड़की (संभवतः रिया चक्रवर्ती) के आने के बाद खुद की कमाई पर उनका नियंत्रण नहीं रहा था। मीडिया ने भी इसे अपने स्तर पर दिखाया है। पैसों का मामला भी सुशांत की मौत से कहीं न कहीं जुड़ा लगता है।”

विनय तिवारी ने कहा, “हमारी जाँच कई बिंदुओं पर चल रही थी। हम महाराष्ट्र पुलिस की जाँच से संतुष्ट नहीं थे। हम हर बिंदु को जाँचना चाहते थे। मामले में किसी नेता की संलिप्तता की बात भी आ रही थी। हम उसकी जाँच करने वाले थे लेकिन ज्यादा कुछ नहीं कर पाए। वहीं, अब तक मामले को जैसा दिखाने की कोशिश की जा रही है, वैसा है नहीं। महाराष्ट्र पुलिस ने जो बताया, वह विश्वास करने वाला नहीं है। महाराष्ट्र पुलिस उस दिशा में जाँच नहीं कर रही थी, जिस पर होनी चाहिए थी।”