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बिहार चुनाव- तीसरे मोर्चे के रूप में रालोसपा 153 और बसपा 90 सीटों पर लड़ेंगे चुनाव

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए और महागठबंधन के बाद एक और मोर्चा बनकर तैयार है। इस पर सीट बटवारे पर आपसी सहमति भी बन गई है। राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बसपा प्रमुख मायावती से हाथ मिलाया है। बसपा जहाँ 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो वहीं बाकी की 153 सीटें रालोसपा को दी जा रही हैं।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें रालोसपा को जनवादी पार्टी सोशलिस्ट के अलावा गठबंधन के अन्य दलों को भी शामिल करना होगा। सूत्रों की मानें तो ओवैसी की पार्टी से भी बातचीत चल रही है। गठबंधन में पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र यादव का दल भी शामिल है। अन्य छोटे दलों से बातचीत का सिलसिल जारी है। अगर सब ठीक रहा तो आज इसकी घोषणा कर दी जाएगी।

कहा जा रहा है कि रालोसपा महागठबंधन से सीटों के बटवारे को लेकर अलग हुई। साथ ही उपेंद्र कुशवाहा राजद के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। इस वजह से वह महागठबंधन से नाराज़ थे। इन सबके बीच रालोसपा ने एनडीए में शामिल होने की कोशिश की लेकिन वहाँ भी सीटों पर सहमति न बन पाने से तीसरा मोर्चा बनाने का निर्णय लिया।

तीसरे मोर्चे के साथ अब बिहार में चुनावी परीक्षा और भी जटिल होती जा रही है। जहाँ एनडीए और महागठबंधन में सीटों को लेकर बटवारे का गुणा-भाग अभी जारी है, वहीं तीसरा मोर्चा छोटे दलों को और शामिल करके अपना गठबंधन बड़ा करने की ओर देख रहा है।

बता दें कि 2015 के विधानसभा चुनाव में रालोसपा एनडीए का हिस्सा थी और बसपा अकेले मैदान में थी। उसमें रालोसपा ने 23 सीटों पर प्रत्याशी उतारे, जिसमें से उसके दो उम्मीदवार जीते थे। बसपा ने 228 सीटों पर प्रत्याशी उतरे और उन्हें एक में भी जीत हासिल नहीं हुई थी।