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वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही की जीडीपी में आई 23.9 प्रतिशत की बड़ी गिरावट

कोविड-19 की वजह से अप्रैल से जून के वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 23.9 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने सोमवार (31 अगस्त) को आँकड़े जारी किए हैं।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें कोर सेक्टर के आँकड़ों ने काफी निराश किया। जुलाई में आठ इंडस्ट्री के उत्पादन में 9.6 प्रतिशत की गिरावट आई। मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक, पहली तिमाही में रियल जीडीपी 26.90 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 35.35 लाख करोड़ रुपये थी।

इस तरह 23.9 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार पाँचवाँ महीना है, जब बुनियादी उद्योगों का उत्पादन घटा है। इनमें मुख्य रूप से इस्पात, रिफाइनरी उत्पाद और सीमेंट क्षेत्र के खराब प्रदर्शन रहे हैं। इस वजह से बुनियादी उद्योगों का उत्पादन घटा है। जुलाई 2019 में आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 2.6 प्रतिशत बढ़ा था।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, जुलाई में उर्वरक को छोड़कर अन्य सात क्षेत्र जैसे कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, इस्पात, सीमेंट तथा बिजली क्षेत्र के उत्पादन में गिरावट आई है।

बता दें कि इस तिमाही में दो महीने अप्रैल और मई की ग्रोथ जोड़ी गई है। इसमें लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप रही थी। जून में अर्थव्यवस्था की रफ्तार थोड़ी ही रही। इस वजह से रेटिंग एजेंसियो और अर्थशास्त्रियों ने आशंका जताई है कि जून तिमाही के जीडीपी में 16 से 25 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।