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दूरसंचार कंपनियों को मिल सकती है राहत, नीलामी में स्पेक्ट्रम मूल्य कम करने पर विचार

दूरसंचार विभाग (डीओटी) की स्पेक्ट्रम नीलामी को वित्तीय वर्ष से पहले करने की योजना नहीं है। दूरसंचार कंपनियों के लिए स्पेक्ट्रम सस्ता करने को लेकर नीलामी की कीमतों में कटौती करने पर चर्चा चल रही है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, स्पेक्ट्रम की नीलामी की कीमतों में 35 प्रतिशत तक की कमी हो सकती है। हालाँकि, अभी यह सिर्फ चर्चा में है और इसपर विचार किया जा रहा है। डीओटी के एक सूत्र ने कहा, “हम 31 मार्च 2020 से पहले इस वित्तीय वर्ष में नीलामी आयोजित करने की कोशिश कर रहे हैं। 2019-20 में इसे आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।”

सूत्र ने आगे कहा, “हम स्पेक्ट्रम की बेस कीमतों को कम करने पर चर्चा कर रहे हैं। दूरसंचार मंत्री इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान कह चुके हैं कि सरकार इस वर्ष नीलामी के लिए स्पेक्ट्रम की कीमत की समीक्षा कर रही है। यह कटौती कितनी होगी, यह अभी तय नहीं हो सका है। फिर भी यह 30-35 प्रतिशत तक कम हो सकती है।”

दूरसंचार आयोग ने कहा, “इस महीने के अंत में होने वाली बैठक में स्पेक्ट्रम के आदार मूल्य में कमी के मामले पर विचार किया जाएगा।”

डॉट की राय है कि मौजूदा कीमतों पर बोली लगाने के लिए दूरसंचार कंपनियों की वर्तमान स्थिति ठीक नहीं है। भारतीय स्पेक्ट्रम की कीमतें दुनिया में सबसे ज्यादा हैं। डीओटी ने इससे पहले भारतीय टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण (ट्राई) से स्पेक्ट्रम की कीमत घटाने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा था, जिसे नियामक ने ठुकरा दिया था।

4जी स्पेक्ट्रम के अलावा, भारत इस साल 5-जी एयरवेव की पहली नीलामी की योजना बना रहा है।