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422 एथेनॉल परियोजनाओं को केंद्र ने स्वीकृति दी, ₹41,000 करोड़ के निवेश की संभावना

भारत के ताज़ा एथेनॉल उद्योग को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने 422 एथेनॉल परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है, जो 1,675 करोड़ लीटर की वार्षिक उत्पादन क्षमता को अतिरिक्त जोड़ सकती हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 422 परियोजनाओं में 41,000 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है और इसके लिए बैंकों से आसान शर्तों पर ऋण प्रदान किया जाएगा। इन परियोजनाओं से देश को पेट्रोल में एथेनॉल सम्मिश्रण को बढ़ावा देने और आयातित कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी।

परियोजनाएँ देश के 22 राज्यों में आधारित होंगी। इनमें से 201 प्रस्ताव अनाज आधारित भट्टियों से हैं, जबकि 141 ऐसे भट्टियों से हैं, जो अनाज और गुड़ दोनों को फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करते हैं।

यह गौर किया जाना चाहिए कि चालू वर्ष में सरकार ने पेट्रोल में 8.5 प्रतिशत एथेनॉल सम्मिश्रण प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद अगले साल के अंत तक इसे 10 प्रतिशत और 2025 तक 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया जाएगा।

20 प्रतिशत सम्मिश्रण लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तेल विपणन कंपनियों को 1,000 करोड़ लीटर एथेनॉल की आवश्यकता होगी।