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सहकारी बैंक के आरबीआई के अधीन आने से “सुरक्षित” होगा 8.6 करोड़ ग्राहकों का पैसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सहकारी बैंकों को लेकर बड़ा निर्णय हुआ। इसके तहत अब सहकारी बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की निगरानी में आ गए हैं। इससे ग्राहकों का पैसा सुरक्षित रहेगा।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “यह निर्णय खाताधारकों की चिंताओं को दूर करने के लिए लिया गया है।”

हालाँकि, नियमों में बदलाव के बावजूद सहकारी बैंकों के प्रबंधन का जिम्मा रजिस्ट्रार के पास ही रहेगा। यह निर्णय बैंकों की वित्तीय मजबूती के लिए लिया गया है। अब इन बैंकों में सीईओ की नियुक्ति के आवश्यक अर्हता की अनुमति आरबीआई से लेनी होगी।

बता दें कि देशभर के 1540 सहकारी बैंकों में 8.6  करोड़ ग्राहकों के करीब 5 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। इन बैंकों का नियमन अब आरबीआई के नियमानुसार होगा। इसका ऑडिट भी आरबीआई नियमों के अनुसार होगा। अगर कोई बैंक वित्तीय संकट में फंसता है तो उसके बोर्ड पर निगरानी भी आरबीआई ही रखेगा।