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रूसी एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की पहली इकाई की आपूर्ति 2021 के अंत तक

रूसी एस-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की पहली इकाई इस वर्ष अक्टूबर-दिसंबर तक भारत पहुँच जाएगी। इसकी जानकारी रूस के हथियार निर्यातक रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के एक शीर्ष अधिकारी ने गुरुवार (20 मई) को दी।

द वीक की रिपोर्ट के अनुसार, रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के सीईओ एलेक्जेंडर मिखेयेव ने कहा, “हर चीज़ समय के अनुसार चल रही है। भारत को पहले एस-400 विमान विरोधी मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति इस वर्ष अक्टूबर-दिसंबर में होगी।”

एस-400 दुनिया की सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों में से एक है। यह 400 किमी से अधिक की दूरी और 30 किमी तक की ऊँचाई पर लक्ष्य को भेद सकती है।

भारत ने 5 अक्टूबर 2018 को नई दिल्ली में आयोजित 19वें भारत-रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी प्रतिबंधों के खतरे के बावजूद अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली की पाँच इकाई खरीदने के लिए रूस के साथ 5 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

भारत इस उन्नत वायु रक्षा प्रणाली के लिए पहले ही 85 करोड़ डॉलर का भुगतान कर चुका है। जनवरी 2020 में रूस ने कहा था कि 2025 तक पाँच एस-400 वायु रक्षा प्रणालियाँ भारत को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दे दी जाएँगी।

एक ओर जहाँ भारत रूसी एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली प्राप्त करने की प्रक्रिया में है, रूस अपने रक्षा बलों को नवीनतम एस-500 प्रोमेटी एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली से लैस करने की योजना बना रहा है।