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निजी कंपनी सेना के लिए बनाएगी 10 लाख आधुनिक हथगोले, रक्षा मंत्रालय का ऑर्डर

घरेलू और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण के लिए सरकार के प्रयासों को बढ़ावा देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने निजी क्षेत्र की कंपनी इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव लिमिटेड (ईईएल) को 10 लाख हथगोले की आपूर्ति के आदेश दिए हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नए हथगोले द्वितीय विश्व युद्ध के पुराने डिजाइन के ग्रेनेड नंबर 36 की जगह लेंगे, जिनका अभी सशत्र बल उपयोग कर रहे हैं। यह पहले से अपने आप में एक बड़ा बदलाव है, जब इस तरह के हथगोलों का आयात होता था या फिर आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) द्वारा बनाकर भेजे जाते थे।

ईईएल से किया गया अनुबंध दो वर्ष का होगा और इसका मूल्य 400 करोड़ रुपये होगा। दो वर्षों में ईईएल रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी द्वारा विकसित मल्टी-मोड हैंड ग्रेनेड (एमएमएचजी) का निर्माण करेगा।

डीआरडीओ ने 2016 में ईईएल को तकनीक वापस कर दी थी। भारतीय सेना ने सभी मौसम की स्थिति में इसके व्यापक परीक्षण किए थे, जिसमें रेगिस्तान, मैदान और ऊँचाई वाले क्षेत्र शामिल थे।

ओएमबी के मामले में एमएमएचजी पूरी तरह से भारत में निर्मित होगा। इसकी उत्पादन लागत भी तुलना में कम होगी। इसकी आपूर्ति भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना को की जाएगी।