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मंडी अधिनियम में चौहान सरकार का संशोधन, किसानों को मिलेगा उपज का अधिक मूल्य

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार (1 मई) को कहा कि राज्य सरकार ने मंडी अधिनियम में संशोधन किया है, ताकि किसानों को मंडियों के अलावा निजी व्यापारियों को अपना अनाज बेचने में सक्षम बनाया जा सके।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य मंडी की तरह किसानों को उनकी फसलों का अधिकतम मूल्य दिलाना है। मंडी में किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी उपज बेचते हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों के हित में राज्य सरकार की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “हमने अधिक प्रतिस्पर्धी प्रणाली विकसित करके किसानों को उनकी उपज के लिए अधिकतम मूल्य दिलाने की कोशिश की है।”

संशोधित मंडी अधिनियम के तहत किसान अपने अनाज का देश के किसी भी बाजार में सौदा करके उसे बेच सकते हैं, जहाँ उन्हें उसकी अधिक कीमत मिल रही हो। यह निजी क्षेत्रों में मंडियों के स्थापित होने का रास्ता भी बनाएगा। यह गोदामों और साइलो कोल्ड स्टोरेज को भी निजी मंडियों के रूप में घोषित करने की अनुमति देता है।

व्यापारियों, खाद्य संसाधक, निर्यातकों, थोक विक्रेताओं और अंतिम-उपयोगकर्ताओं को सीधे किसान के घर या खेतों से फसलों की खरीद के लिए लाइसेंस लेना होगा। न्यूनतम बाधाओं को सुनिश्चित करने के लिए व्यापारियों को पूरे राज्य में एकल लाइसेंस के साथ व्यापार से जोड़ने के लिए प्रणाली स्थापित की गई है।