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रिलायंस और बीपी ने की एशिया के सबसे गहरे पानी से पहली गैस खोज की घोषणा

ऊर्जा स्वतंत्रता प्राप्त करने की दिशा में भारत की प्रगति के लिए एक सकारात्मक विकास में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और ब्रिटिश बहुराष्ट्रीय तेल व गैस प्रमुख बीपी पीएलसी ने एशिया के सबसे गहरे अपतटीय क्षेत्र में अपनी पहली गैस खोज की घोषणा की है।

बिज़नेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस और बीपी की साझेदारी ने बेहद गहरे पानी के गैस क्षेत्र में गैस का विकास किया है, जिसे कृष्णा गोदावरी (केजी) डी6 बेसिन केआर क्लस्टर कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, केजी डी6 ब्लॉक में दो और गहरे पानी वाले गैस क्षेत्रों को भी विकसित किया जा रहा है। इन्हें सैटेलाइट क्लस्टर और एमजे कहा जाता है।

2023 तक इनके चालू हो जाने के बाद तीन गैस क्षेत्रों से होने वाला उत्पादन भारत की गैस की मांग को 15 प्रतिशत पूरा करेंगे।

आर क्लस्टर काकीनाड़ा तट के मौजूदा केजी-डी 6 कंट्रोल एंड राइजर प्लेटफॉर्म (सीआरपी) से करीब 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह क्षेत्र पानी में 2,000 मीटर से अधिक गहराई में स्थित है। यह एशिया का सबसे गहरा अपतटीय गैस क्षेत्र है।

आर क्लस्टर क्षेत्र से 2021 में 1.29 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन (एमएमएससीएमडी) गैस उत्पादन तक पहुँचने की उम्मीद है। इसके बाद सैटलाइट्स क्लस्टर के भी 2021 में ही चालू होने की उम्मीद है। आखिर में एमजे गैस क्षेत्र भी 2022 में चालू हो जाएगा।

एकसाथ तीन गैस क्षेत्रों से भरपूर उत्पादन 2023 तक लगभग 30 एमएमएससीएमडी तक होने की उम्मीद है, जो कि 2023 तक देश के पूरे गैस उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत होगा। यह आयातित गैस पर भारत की निर्भरता को कम करेगा।

आरआईएल केजी डी6 बेसिन का परिचालक है, जिसमें उसकी हिस्सेदारी 66.67 प्रतिशत है। वहीं, बीपी पीएलसी की हिस्सेदारी 33.33 प्रतिशत है।