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जो बाइडन प्रशासन ने उइगर मुस्लिमों के मानवाधिकार उल्लंघन पर चीन को दी चेतावनी

अमेरिका के जो बाइडन प्रशासन ने चीन को चेतावनी दी है कि वॉशिंगटन क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे से बचाने के लिए बीजिंग की जवाबदेही तय करेगा। साथ ही अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेगा और मानवाधिकारों के लिए खड़ा रहेगा।

विदेश विभाग द्वारा जारी सचिव एंटनी ब्लिंकेन के संक्षित बयान के अनुसार, अमेरिका शिनज़ियांग, तिब्बत और हॉन्गकॉन्ग के मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खड़ा रहेगा। साथ ही बर्मा में सैन्य तख्तापलट की निंदा करते हुए चीन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में शामिल होने के लिए दबाव डालेगा।

कम्युनिस्ट देश के साथ जो बाइडन प्रशासन की अपनी पहली उच्चस्तरीय वार्ता में ब्लिंकेन ने शुक्रवार (5 फरवरी) को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) के साथ विदेश मामलों के केंद्रीय आयोग के निदेशक यांग जीची के साथ बात की।

सिन्हुआ के अनुसार, यांग ने अमेरिका से चीन के संबंध में अपनी गलत नीतियों के अंदेशों को दूर करने और बीजिंग के साथ काम करने के लिए एक गैर-टकराव वाला संबंध बनाने का आग्रह किया।

इससे पूर्व, 27 जनवरी को ब्लिंकन ने कहा था, “मैं अपने पूर्ववर्ती माइक पोम्पेओ की तरह ही चीन के उइगर मुसलमानों के खिलाफ हो रहे नरसंहार के विरोध में खड़ा रहूँगा।”