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गैर-वामपंथियों के खिलाफ पक्षपात? संसदीय समिति ने ट्विटर इंडिया को भेजा बुलावा

एक संसदीय समिति ने ट्विटर इंडिया को सोशल/ऑनलाइन समाचार मीडिया प्लेटफॉर्म पर नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के विषय पर उनके विचार को जानने के लिए बुलाया है, इंडिया टुडे  ने रिपोर्ट किया। 

सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय समिति, जिसकी अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के अनुराग ठाकुर कर रहे हैं, ने ट्विटर इंडिया को बुलावा भेजा है। सोशल नेटवर्किंग सेवा के प्रतिनिधि 11 फरवरी को दोपहर 3 बजे समिति के समक्ष अपना मामला प्रस्तुत करने के लिए उपस्थित होंगे। समिति ने 11 फरवरी को इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) को भी न्यौता भेजा है।

संसदीय पैनल के प्रमुख अनुराग ठाकुर ने मंगलवार (5 फरवरी) को एक ट्वीट में बैठक के बारे में जानकारी दी।

ट्विटर इंडिया को यह समन तब जारी किया गया था जब एक स्वयंसेवक समूह ने कथित तौर पर समिति को लिखा था कि कंपनी मंच पर गैरवामपंथी हैंडल के खिलाफ पक्षपाती थी। हालाँकि, 11 फरवरी के पैनल के बारे में नोटिस में ट्विटर इंडिया के खिलाफ आरोपों का उल्लेख नहीं किया गया है।

ट्विटर इंडिया को जारी किया गया समन आम चुनाव से कुछ महीने पहले आता है जिसमें सोशल मीडिया की बहुत बड़ी भूमिका होगी।

ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया साइटों पर लंबे समय से वामपंथी पक्षपाती होने का आरोप लगाया जाता रहा है। वास्तव में, ट्विटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैक डॉर्सी ने खुद स्वीकार किया है कि सोशल नेटवर्किंग सेवा के लिए काम करने वाले अधिकांश लोगवामपंथी” हैं।