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बीएचयू न्यायालय- “योगदान न होने” पर राजीव गांधी का नाम हटाने की सिफारिश
आईएएनएस - 13th December 2019

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) न्यायालय ने विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाने की सिफारिश की है। बीएचयू न्यायालय का तर्क है कि राजीव गांधी ने शैक्षिक संस्थान के लिए कोई योगदान नहीं दिया था।

कांग्रेस ने इस तरह के किसी भी कदम के पुरजोर विरोध का फैसला किया है। न्यायालय जो विश्वविद्यालय के एक सलाहकार निकाय का हिस्सा है ने विश्वविद्यालय के निर्णय लेने वाले अकादमिक परिषद को अपना प्रस्ताव भेज दिया है।

2006 में स्थापित परिसर मिर्जापुर जिले में स्थित है। इसे राजीव गांधी साउथ कैंपस बरकच्छा कहा जाता है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश कुलाधिपति गिरिधर मालवीय ने इस हफ्ते के शुरू में हुई अदालत की बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने पुख्ता किया कि प्रस्ताव अकादमिक परिषद को भेजा जाएगा। न्यायमूर्ति ने कहा, “अदालत के सदस्यों ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने बीएचयू का दौरा कभी नहीं किया था। पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर दक्षिणी परिसर का नाम रखा था।”

उन्होंने कहा, “तब यह निर्णय लिया गया था कि राजीव गांधी के नाम को दक्षिण परिसर से हटाने का प्रस्ताव अकादमिक परिषद को विचार के लिए भेजा जाएगा और इस प्रस्ताव को बीएचयू न्यायालय के सभी सदस्यों का समर्थन प्राप्त था।”

उधर, कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा, “पार्टी मिर्जापुर के बरकच्छा में बीएचयू के राजीव गांधी दक्षिण परिसर का नाम बदलने के किसी भी कदम का विरोध करेगी। अगर ऐसा कोई प्रयास किया जाता है तो कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी और नाम बदलने को लेकर प्रदर्शन करेगी।”