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भारतनेट के लाभ बताने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार चला रही है जागरूकता अभियान

कम मूल्य पर ग्रामीण भारत को उच्च गति की डिजिटल संयोजकता प्रदान करने वाली भारत सरकार की परियोजना भारतनेट ने नए दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में गति पकड़ ली है। डिजिटल इंडिया योजना के अधीन इस परियोजना का उद्देश्य आर्थिक-सामाजिक विकास है।

सेवाओं के विस्तार के लिए भारतनेट के माध्यम से दूरसंचार सेवा प्रदाता (टीएसपी) और इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) जैसे सेवा प्रदाताओं को प्रखंडों और ग्राम पंचायतों, बहु-प्रणाली परिचालकों (एमएसओ), स्थानीय केबल परिचालकों (एलसीओ) और सरकारी इकाइयों से जोड़ा जाता है।

परियोजना की भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) वेबसाइट के अनुसार, सरकारी एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं के लिए प्रस्तावित सेवाओं में बैंडविड्थ- जीपॉन तकनीक के उपयोग से प्रखंड से ग्राम पंचायत तक बिंदु से बिंदु (पी2पी) और बिंदु से बहु-बिंदु (पी2एमपी) बैंडविड्थ है।

इसके अलावा वृद्धिशील केबल पर डार्क फाइबर प्रस्तावित है जिसे फाइबर पॉइन्ट ऑफ इन्टरकनेक्ट (एफपीओआई) और ग्राम पंचायतों के बीच बीबीएनएल लगाएगा। हाल में आई न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना के लिए सरकार ब्रान्डिंग एजेंसियों को भी नियुक्त कर रही है।

इसका उद्देश्य सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को समझाना है कि दैनिक जीवन में इंटरनेट का कैसे सर्वश्रेष्ठ उपयोग करें। अपेक्षा है कि ब्रॉडबैंड के विस्तार से रोगजार और आय उत्पत्ति को भी बल मिलेगा, प्रत्यक्ष और परोक्ष दोनों रूप से।

दस्तावेज कहता है, “जागरूकता अभियानों का उद्देश्य है कि भारतनेट के विषय में जानकारी देकर इससे मिलने वाले लाभों का प्रचार किया जाए। साथी ही ग्रामीण जनसंख्या को बताया जाए कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, नागरिक केंद्रित सेवाओं, ई-लर्निंग, टेलीमेडिसिन, ई-बाज़ार, व्यापार ,से व्यापार सेवा, आदि तक सस्ती पहुँच कैसे बनाई जा सकती है।”